हैंडबॉल कैसे खेले – नियम और टिप्स की जानकारी हिंदी मे


हैंडबॉल कैसे खेले
हैंडबॉल कैसे खेले

आज हम जानेंगे हैंडबॉल कैसे खेले. हैंडबॉल को टीम हैंडबॉल, ओलंपिक हैंडबॉल, युरोपियन टीम हैंडबॉल युरोपियन हैंडबॉल, ओर बॉर्डन बॉल भी कहते है. इस गेम का पहले 19th  सेंचुरी में नॉर्थेर्न यूरोप एंड जर्मनी मे खेला गया. इसके रूल्स सबसे पहले जर्मनी में डिसाइड हुए थे. हैंडबॉल का पहला मेल मैच 1925 मे और फीमेल मैच 193 मे खेला गया था. ओलिमपिक्स मे हैंडबॉल 1936 मे आया. तो चलिए जानें हैंडबॉल कैसे खेले जानकारी और रूल्स हिन्दी मे.

हैंडबॉल कैसे खेले

आज के हमारे इस लेख को लिखने का उद्देश्य हैं आप लोगों को यह समझना की हैंडबॉल कैसे खेला जाता हैं. बहुत लोग ऐसे होते हैं जो हैंडबॉल का खेल खेलना बहुत जादा पसंद करते हैं. ऐसे ही कुच्छ हैंडबॉल के दीवानों के लिए हम आज का यह स्पेशल लेख आप लोगो के लिए लेकर आए हैं. अगर आप लोग हमारे आज के इस लेख को ध्यान से कम से कम एक बार रीड करेंगे तो हमे पूरी उम्मीद हैं की आप लोगो को हैंडबॉल खेलना बहुत अच्छी तरह से आ जाएगा और आप लोग बहुत ज़ल्दी और बिना किसीकि हेल्पलिए झक्कास तरीके से हैंडबॉल खेल सकेंगे. हम तो हमेशा यही चाहेंगे कि आप लोगों का एक छोटे से छोटे सपना भी पूरा हो और आप लोग अपने छोटे से छोटे शौख को भी पूरा कर सके.

इसीलिए हम अपने हर लेख मैं कुच्छ अलग और खास चीजें लिखने का प्रयास करते हैं जिन को अच्छी तरह से रीड करने पर कुच्छ नयी बाते सामने आए और जिनको रीड करने के बाद आप लोगो को कुच्छ नया सीखने को मिल सके. आज का भी हमारा यह लेख कुच्छ अलग ही टॉपिक के उपर हैं. हमें पूरी उम्मीद है कि आप लोग एक बार ईस लेख रीड करने के बाद और इस लेख में दिए गये कुच्छ ट्रिक्स को फॉलो करने के बाद हैंडबॉल के एक पक्के और माहिर खिलाड़ी बन जाएँगे और अपने प्लेइंग से दुनिया को इंप्रेस करने में ज़रूर सफल हो जाएँगे.

हैंडबॉल कैसे खेले – तरीके

फ्रेश और ताजा होकर ही मैदान में उतरे

चाहे खेल कोई भी हो मगर हर खेल को जीतने के लिए हमारे मन और मस्तिष्क में फ्रेशनेस और फुर्ती का होना बहुत ज्यादा जरूरी होता हैं. इसलिए आप लोग जब भी हैंडबॉल खेलने के लिए मैदान मैं उतरे तो उससे पहले आप लोग अपने मन और मस्तिष्क को पूरी तरह से रेडी करले. जब आप लोगों का मन और मस्तिष्क हैंडबॉल खेलने के लिए पूरी तरह से रेडी हो तभी आप लोग खेलने के लिए मैदान मैं उतरे.

ब्रेक के टाइम पर अपने टीम के सारे खिलाड़ियों से सलाह कर ले

खेल के दौरान आपको 10 मिनट का ब्रेक मिलेगा. इस ब्रेक टाइम पर आप अपने टाइम पर आप टीम के खिलाड़ियों के साथ सलाह मशविरा कर ले ताकि अगले शॉर्ट मैं आप भी बेटर पर्फॉर्मेन्स दे सके.

प्लेइंग फील्ड

हैंडबॉल 40 * 20 मीटर (131 फीट × 66 फीट) के कोर्ट पर खेला जाता हे. साथ ही कोर्ट के सेंटर मे एक सर्कल होता है. सर्कल नियर-सेमिसर्क्युलर एरिया से सराउंडेड होता हे जिसे गोल से 6 मीटर लाइन से मापा गया होता हे. एक डॅश्ड नियर-सेमिसर्क्युलर लाइन होती हे जो गोल से 9 मीटर पर होती है उसे फ्री-थ्रो लाइन कहते हे.

हैंडबॉल कैसे खेले – रूल्स

  • हैंडबॉल में 2 टीम्स होती है. हर टीम में 7-7 प्लेयर्स होता हे. इनमे से 10 कोर्ट प्लेयर और 2 गोल रक्षक (गोल कीपर).
  • एक समय मैदान पर गोल कीपर सहित एक टीम के 7 खिलाड़ी ही कोर्ट पर उतार सकते है. बाकी पांच बदलू खिलाड़ी होते है.
  • मॅच मे होती है दो पारिया. हर मैच में 30 30 मिनट की दो पारियां यानी दो इन्निंग्स होती है.
  • हर पारी के बीच 10 मिनट का इंटरवल होता है. हर इंटरवल बाद टीम अपना पाला बदलती है.
  • खिलाड़ी केवल हाथ से गेंद
  • को काबू मे लेकर हिट कर सकता है.
  • दोनो ही टीम के पालों मे एक एक गोल होता है.
  • दोनो टीम के भी हाथ के सिवा किसी अन्य हिस्से से गेंद को छू नही सकता है.
  • मैच का आगाज कोर्ट पर सेंट्रल लाइन से होता है.
  • अटॅक करने वाली टीम का खिलाड़ी हाथ से गेंद को ड्रिबले कर ऑपोसिट टीम पर गोल मे जाकर गिरे.
  • गोल मे गोल कीपर के अलावा किसी अन्य खिलाड़ी को खड़ा होने की इजाज़त नहीं होती.
  • गोल होने के बाद कोर्ट के सेंटर से थ्रो इसे फिर खेल शुरू होता है.
  • जो टीम ज्यादा गोल रोकती है वही विजयी होती है.

फ्री थ्रो

एक तरह को पेनाल्टी होता है फ्री थ्रो. यह नियमों को तोड़ने वाली टीम को बतौर दंड दिया जाता है. यदि कोई खिलाड़ी नियमों को तोड़ कोर्ट मे आ जाए. खिलाड़ी द्वारा गोल एरिया में नियम तोड़ने, सही ढंग से थ्रो ना करने पर, जान बूच कर अपने गोल की और गेंद खेलने, पर फ्री थ्रो दिया जाता है.

थ्रो

इन गेंद के मैच के दौरान कोर्ट की बाउंड्री को पार कर बाहर चली जाती है. तो थ्रो इन कर खेल फिर शुरू किया जाता है. थ्रो इन उस टीम के खिलाड़ी को मिलता है जिसके अटॅक पर गेंद प्रतिदेवनदी टीम के खिलाड़ी के टकरा कर बाहर गयी हो. थ्रो इन उसी स्थान से किया जाता है जहाँ से गेंद बौंड्री के पार गयी हो. थ्रो इन करते वक्त थ्रो इन करने वाले खिलाड़ी के पैर कोर्ट की बाउंड्री के बाहर होने चाहिए.

गोल थ्रो

जब बचाव करने वाली टीम का खिलाड़ी जानबूझ कर नियम तोड़ता है. तब अटॅक करने वाली टीम को गोल थ्रो मिलता है. जानबूझ कर गेंद को साइड लाइन से बाहर करने. गलत ढंग से थ्रो इन और गलत ढंग से कोर्ट में घुसने पर गोला थ्रो दिया जाता हे.

पेनल्टी थ्रो

कोई खिलाड़ी यदि अपने ही हाफ यानी पाले मे कोई गंभीर ग़लती करता है तो अटैक करने वाली टीम को पेनल्टी थ्रो मिलता है. बचाव करने वाली टीम के खिलाड़ी द्वारा जानबूझकर अपने ही पाले में गेंद फेंकने पर, जानबूझकर अपने गोल मे घुसने पर या रेफरी को बताए बिना बचाव करने वाली टीम के किसी खिलाड़ी के गोल कीपर के जगह खड़े होने पर हमला बोलने वाली टीम को पेनल्टी थ्रो दिया जाता है.

तो दोस्तो कैसा लगा आप लोगो को हमारा यह लेख. उम्मीद करते हैं आप लोगो को आज का यह लेख हैंडबॉल कैसे खेले और यह जानकारी पसंद आई होगी. अगर हा तो प्लीज़ आप लोग इस लेख को बिल्कुल भी इग्नोर मत करिए क्योंकि यह छोटी छोटी जानकारी ही हो सकता हैं की आप लोगो को आपकी मंज़िल से मिला दे. हैंडबॉल खेलना कोई उतना ज्यादा मुश्किल काम भी नहीं है और यह काम इतना आसान भी नहीं.

इसलिए अगर आप लोगो को सही तरीके से हैंडबॉल खेलना हैं और हैंडबॉल का पूरी तरह से लुप्त उत्थान हैं तो आप लोग इन ट्रिक्स को अच्छी तरह से रीड करिए और फॉलो करिए. और कम से कम एक बार आप लोग हमारे इस लेख के ऊपर भरोसा तो कर ही सकते हैं. लेख को और ज्यादा लंबा ना करते हुए एंड मैं हम आप लोगों से बस यही रिक्वेस्ट करेंगे कि आप लोग अपने हैंडबॉल खेलने की इस खूबसूरत हॉबी को इग्नोर मत करिए और हमारे लेख की हेल्प से अपने अंदर के कला को दिन प्रतिदिन और ज्यादा निखरते रहिए.

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