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कबड्डी कैसे खेले – नियम और टिप्स की जानकारी हिंदी मे


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कबड्डी कैसे खेले - नियम और टिप्स की जानकारी हिंदी मे
कबड्डी कैसे खेले – नियम और टिप्स की जानकारी हिंदी मे

खेल कूद हर किसी को पसंद होता हैं और हर किसी को अलग अलग खेल में रूचि होता हैं. सिर्फ पसंद के लिए ही नहीं बल्कि हमारे फिट और हेल्दी रहने के लिए भी खेल कूद बहुत ज़रूरी होता हैं. खेल का कोई गिनती नहीं हैं और हर एक खेल का अपने अपने जगह पर अलग अलग महत्व होता हैं. हम अपने रूचि के हिसाब से कोई भी खेल में जुड़ जाते हैं और हमे उसी खेल में बहुत ज्यादा मजा आने लगता हैं. इसी तरह कुछ लोगों को कबड्डी खेलने में रुचि होता हैं. ज़रूर पढ़े ये लेख कबड्डी कैसे खेले.

लेकिन किसी भी खेल को खेलने से पहले हमें इस बात की पूरी जानकारी हो जानी चाहिए की उसे खेल के सही तरीके से कैसे खेला जाता हैं. आज के इस लेख में आप लोगों को यह डिटेल मैं पता चल जाएगा की कबड्डी खेलने के लिए हमे किन किन बातों का खास तौर पर ख्याल रखना चाहिए. तो आप लोगों से हमारी यही रिक्वेस्ट हैं की आप लोग इस लेख को ध्यान से पढ़िए और कबड्डी खेल के बारे में पूरी तरह से जानकारी ले लीजिए.

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कबड्डी कैसे खेले

कबड्डी खेलने के लिए आपको शरीर से तंदरुस्त रहने की बहूत ज़रूरी है. साथ में इस खेल मे दिमाग का भी इस्तेमाल करना ज़रूरी है. आज हम आपको इसके कुछ नियम बताएंगे और ये कैसे खेला जाए ये भी बताएंगे. तो खेल को जीतने के लिए ध्यान से इस लेख को पढ़े. चलिए जाने कबड्डी कैसे खेले हिन्दी मे टिप्स एंड ट्रिक्स.

कबड्डी खेल का इतिहास

हलकी अभी तक येसे कोई ज्ञात नहीं है जहां से इस खेल की शुरुआत मानी जाए और इसका कारण यह हैं की यह खेल बहुत पुराना खेल हैं और जन जन का खेल होने के कारण इस खेल का सुरुआत अप्रमाणित हैं. ज्ञात तौर पर पहली कबड्डी प्रतियोगिता 20 वी सदी के दूसरे दशक मैं खेली गयी थी. महाराष्ट्र के सामाजिक संगठनों ने इस खेल को नयी पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था. एशियन कंट्री में सबसे पहले 2006 में कबड्डी खेल को शामिल किया गया और अलग से मैदान विकसित किया गया. सर्वप्रथम कबड्डी के नियम 1921 में बनाये गये, बाद में 1923 में इस खेल में कुच्छ बदलाव किए गये और यह संगसोधित नियम के साथ अखिल भारतीय टूर्नामेंट लागू किए गये.

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कबड्डी का मैदान

इस खेल का मैदान समतल और नरम होना चाहिए ताकि गिरने पर चोट ना लगे. कबड्डी की मॅट मिट्टी और लकड़ी की बुराड़े से बना होता हैं जो महिला और पुरुष वर्ग के लिए अलग अलग नाप होते हैं. पुरुषों के खेल का मैदान 121/2 मीटर×10 मीटर होता हैं और प्रत्येक एक तरफ 10 मीटर×61/4 मीटर होता हैं. और महिलाओं के खेल के मैदान का आकर 11 मीटर×8 मीटर होता हैं. मैदान के दोनो ओर एक मीटर चौड़ी पट्टी होती हैं जिसको लॉबी कहा जाता हैं. अंत्त रेखा के बाहर की ओर 4 मीटर स्थान खुला छोड़ना होता हैं.

कबड्डी कैसे खेले – नियम/रूल्स

कबड्डी खेलने के 2 अलग अलग चरण होते हैं. पहले एक खिलाड़ी दूसरे दल के हिस्से में जाता हैं और कबड्डी कबड्डी बोलता हुआ उसे दूसरे दल का एक या एक से अधिक प्रतिभागी को छु कर वापस आने का प्रयास करता हैं.

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कबड्डी खिलाड़ियों को पोशाक में निकर और बनियान पहनी पड़ती हैं और पैरों में जूते पहनने साथ साथ खिलाड़ियों के बनियान के पिच्चे नंबर लिखे होते हैं. खिलाड़ियों के हाथ और पैर के नाखून कटे होने चाहिए साथ ही कोई पिन या आभूषण नहीं पहनने चाहिए.

  • प्रत्येक पक्ष/टीम में खिलाड़ियों की संख्या बारह होगी. एक साथ मैदान में सात खिलाड़ी उतरेंगे.
  • खेल की टाइम पुरुषों के लिए 20 मिनिट तथा स्त्रियों और जूनियर के लिए 15 मिनट की दो अवधियाँ होंगी. इन दो अवधियो के बीच 5 मिनट का मध्यांतर होगा.
  • प्रत्येक आउट होने वाले विपक्षी के लिए दूसरे पक्ष को अंक मिलेगा. लोन प्राप्त करने वाले पक्ष को दो अंक मिलेंगे. .
  • खेल की सम्पति पर सबसे अधिकअंक प्राप्त करने वाले पक्ष को विजयी (विनर)घोषित किया जाता है.

लोन

जब एक टीम के सारे खिलाड़ी आउट हो जाये तो विरोधी टीम को 2 अंक अधिक मिल जाते है. उसको हम लोन कहते है. प्रतियोगिता निम्नलिखित दो प्रकार के होती है.

नॉकआउट्स

इसमें जो टीम हार जाती है वह टीम प्रतियोगिता से बाहर हो जाती है.

लीग

इसमें यदि कोई टीम हार जाती है वह टीम बाहर नही होगी. उसे अपने ग्रुप के सारे मैच खेलने पड़ते है. जो टीम मैच जिताती है उसे दो अंक दिए जाते है. मैच बराबर होने पर दोनों टीम को एक एक अंक दिये जाएगा. हारने वाली टीम को जीरो अंक मिलेगा. यदि दोनों टीम मे मैच बराबर रहता है और अतिरिक्त समय भी दिया जाता है या जिस टीम से खेल आरंभ होने से पहले अंक किया होगा वह विजेता घोषित किया जाएगा.

किसी कारणवश मॅच ना होने की दशा में मॅच पुनः खेला जाएगा. दुबारा किसी और दिन खेले जाने वाले मैच में दूसरे खिलाड़ी बदले भी जा सकते है. परंतु यदि मॅच उसी दिन खेला जाए तो उसमे वही खिलाड़ी खेलेंगे जो पहले खेले थे.

  • यदि किसी खिलाड़ी को चोट लग जाए तो उस पक्ष का कैप्टन समय आराम पुकरेगा. परंतु समय आराम की अवधि दो मिनट से अधिक नहीं होगी. तथा चोट लगने वाला खिलाड़ी बदला जा सकता है. खेल की दूसरी पारी शुरू होने से पहले दो खिलाड़ी बदले जा सकता है. खेल शुरू होने के समय एक दो से या कम से कम खिलाड़ियों से भी खेल शुरू हो सकता है. जो खिलाड़ी खेल शुरू होने के समय उपस्थित नहीं होते वो खेल के दौरान किसी भी वक्त मिल सकते है. रेफ़री को सूचना करना ज़रूरी है. यदि चोट गंभीर हो तो उसकी जगह दूसरा खिलाड़ी खेल सकता है.
  • खेल के दौरान कप्तान या नेता के अतिरिक्त कोई भी खिलाड़ी अनुदेश ना देगा. कप्तान अपने अर्धवक मे ही अनुदेश दे सकता है.
  • यदि खिलाड़ी कबड्डी शब्द का उच्चारण ठीक प्रकार से नही करता तथा रेफरी द्वाराएक बार चेतावनी दिए जाने पर वह बार बार ऐसा करता है तो दूसरी टीम को एक पॉइंट दे दिया पॉइंट दे दिया जाएगा परंतु वह खिलाड़ी बैठेगा नहीं.
  • यदि कोई खिलाड़ी आक्रमण करने जा रहा है और उस टीम का कोच या अधिकारी ऐसा करता है तो रेफरी दूसरी टीम के विरुद्ध एक पॉइंट अंक दे देगा.

तो दोस्तों! आप लोग यह समझ चुके हैं ना की कबड्डी कैसे खेले. कबड्डी खेलते वक्त हमे क्या क्या बातें खास तौर पर याद रखनी चाहिए. तो अब हम यह उम्मीद कर सकते हैं की आप लोग अच्छी तरह से कबड्डी खेल लेंगे औरइस लेख में दिए गये जानकारी के साथ अपने खेल मैं दिन प्रतिदिन प्रोग्रेस लाने में सफल होते रहेंगे.

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